लाडली लक्ष्मी योजना
विभाग
महिला एवं बाल विकास विभाग – महिला सशक्तिकरण
उद्देश्य
- मध्यप्रदेश मे लिंगानुपत मे सुधार ।
- बालिका के जन्म के संबंध मे सकारात्मक सोच पैदा करें ।
- बालिका शिक्षा और स्वास्थ की स्थिति मे सुधार ।
- बालिका विवाह को हतोत्साहित करें ।
- जनसंख्या वृद्धि दर को कम करना और परिवार नियोजन को प्रोत्साहित करना, विशेष रूप से हतोत्साहित करना दो बेटियों के जन्म के बाद बच्चे की उम्मीद ।
- बालिकाओं के स्कूल छोड़ने वालों को कम करना ।
योजना के बारे मे
- उन माता – पिता को नकद लाभ जो आयकर दाता नही हैं । यह जन्म के एक वर्ष के भीतर खुला रहता है
- 1 जनवरी 2006 को या उसके बाद पैदा हुई बलिकाएं ।
- (ए) अंतरिम भुगतान :
- छटी कक्षा मे प्रवेश पर – ₹। 2,000
- नौवीं कक्षा मे प्रवेश पर – ₹। 4,000
- ग्यारहवीं कक्षा मे प्रवेश पर – 6,000 रुपए और
- बारहवीं कक्षा में प्रवेश पर – 6,000 रुपए
- (बी) अंतिम भुगतान : रुपए । 1,00,000 21 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर बशर्ते की लड़की को
- बारहवीं कक्षा की परीक्षा मे उपस्थित हुए है और 18 वर्ष की आयु से शादी नही की है ।
पात्रता
- एमपी के अधिवास वाले माता – पिता जिनके दो से अधिक बच्चे नही हैं ( एक या दोनों हो सकते है लड़की )
- दूसरी बालिका के पंजीकरण से पहले माता – पिता में से किसी एक का बंध्याकरण हुआ ।
- माता – पिता जिन्होंने आंगनबाड़ी मे योजना के तेहेत बालिकाओं का पंजीकरण केंद्र मे कराया है ।
- माता – पिता जो आयकर दाता नही है ।
- बालिका का जन्म 1 जनवरी 2006 को या उसके बाद हुआ हो ।
- जन्म के एक वर्ष के भीतर बालिकाओं का पंजीकरण ।
- अनाथ के मामले मे – पंजीकरण अनाथालय के अधीक्षक द्वारा किया जा सकता है बालिकाओं के अनाथालय मे प्रवेश के एक वर्ष के भीतर ।
- महिला कैदी बेटी पात्र हैं ।
